स्को (रूस). फ्रांस ने क्रोएशिया को हराकर फुटबॉल विश्व कप 2018
पर कब्जा कर लिया। फाइनल में उसने क्रोएशिया को 4-2 से हरा दिया। पहले हाफ
में तीन गोल हुए। 2 फ्रांस ने किए जबकि 1 क्रोएशिया ने। हालांकि, दूसरा
हाफ फ्रांंस के नाम ही रहा। फाइनल में क्रोएशिया के स्ट्राइकर मारियो
मांजुकिच ने 18वें मिनट में आत्मघाती गोल किया। ये इस विश्व कप का 12वां
आत्मघाती गोल रहा।
फ्रांस 20 साल बाद फिर चैम्पियन: क्रोएशिया को 4-2 से हराया, लगातार 7वें मैच में पहला गोल दागकर विपक्षी टीम पर दबाव बनाया
गोल्डन बूट किसके नाम?
वर्ल्ड कप फाइनल में वीएआर के जरिए पहली पेनल्टी दी गई। ये इस विश्व कप की
29वीं पेनल्टी है। इसमें 22 बार गेंद गोलपोस्ट में समाई। फ्रांस के
ग्रीजमैन ने इस वर्ल्ड कप का चौथा गोल किया, जिसमें तीन गोल पेनल्टी पर ही
हुए। अब वे सबसे ज्यादा गोल करने के मामले में पुर्तगाल के कप्तान
क्रिस्टियानो रोनाल्डो, बेल्जियम के रोमेलु लुकाकू और रूस के डेनिस चेरीशेव
की बराबरी पर आ गए हैं। सबसे ज्यादा छह गोल इंग्लैंड के हैरी केन के नाम
हैं, जो गोल्डन बूट के दावेदार हैं।गटन. अमेरिका के सबसे बड़े स्कैंडल वॉटरगेट का खुलासा करने वाले
पत्रकार ने ट्रम्प के व्हाइट हाउस कार्यकाल पर एक किताब लिखी है। इसमें
दावा किया गया है कि व्हाइट हाउस के अधिकारी ट्रम्प के सामने कई अहम और
संवेदनशील दस्तावेज पेश ही नहीं करते। किताब में अफसरों के हवाले से लिखा
गया है कि कई लोग वहां उन्हें बेवकूफ और झूठा भी कहते हैं। यहां तक की देश
के रक्षामंत्री जेम्स मैटिस भी उनकी समझ को पांचवीं के बच्चे के बराबर बता
चुके हैं।
किताब लिखने वाले द वाशिंगटन पोस्ट के वरिष्ठ पत्रकार बॉब वुडवर्ड ने किताब
का नाम ‘फियर: ट्रम्प इन द व्हाइट हाउस’ दिया है । यह किताब 11 सितंबर को
रिलीज होगी। हालांकि, कुछ मीडिया संस्थानों ने पहले ही किताब के हिस्सों को
रिलीज कर दिया। किताब में ट्रम्प के आने के बाद से व्हाइट हाउस के कामकाज
की बिगड़ती स्थिति के बारे में बताया गया है।
ट्रम्प ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर की हत्या की साजिश की: किताब
में कहा गया है कि ट्रम्प ने पेंटागन को सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद
की हत्या की साजिश रचने के लिए कहा था। इस पर पहले मैटिस ने ट्रम्प के
अनुरोध पर गौर किया, लेकिन उनके जाने के बाद अपने साथी से ऐसा कोई कदम नहीं
उठाने के लिए कहा। इसके अलावा किताब में बताया गया है कि चीफ ऑफ स्टाफ जॉन
केली ट्रम्प की मानसिक स्थिति पर सवाल खड़े कर चुके हैं। एक मीटिंग के
दौरान उन्होंने व्हाइट हाउस का पागलों की जगह कह दिया था।
मध्यावधि चुनावों से पहले छवि खराब करने की कोशिश: किताब के कुछ
अंश बाहर आने के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी सारा सैंडर्स ने बयान
जारी किया। इसके मुताबिक, "किताब में गढ़ी हुई कहानियां शामिल की गई हैं।
यह कहानियां बॉब (लेखक) को व्हाइट हाउस के कुछ असंतुष्ट कर्मचारियों से
मिली हैं।" इसके अलावा खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प
ने भी ट्वीट कर कहा कि बॉब की किताब में लिखी बातों को रक्षा मंत्री जेम्स
मैटिस और गृह मंत्री जॉन केली ने झूठ बताया। उन्होंने किताब के समय पर
सवाल खड़े करते हुए पूछा कि क्या बॉब डेमोक्रेट्स के लिए काम कर रहे हैं?
कितने भरोसेमंद हैं बॉब वुडवर्ड?: बॉब वुडवर्ड वॉशिंगटन पोस्ट
अखबार के सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं। अमेरिका के मीडिया जगत में उन्हें काफी
सम्मान दिया जाता है। दरअसल, बॉब ने अपने एक साथी के साथ पूर्व राष्ट्रपति
रिचर्ड निक्सन के वॉटरगेट स्कैंडल का खुलासा किया था। इस स्कैंडल के
सार्वजनिक होने के बाद निक्सन को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। बॉब अब
तक जॉर्ज बुश और बराक ओबामा
जैसे नेताओं पर किताबें लिख चुके हैं। उन्हें राजनीति में विशेषज्ञ
पत्रकार माना जाता है। बताया जाता है कि जब किताब के सिलसिले में बॉब ने
ट्रम्प से बात करने के लिए कहा तो तो अधिकारियों ने उन्हें व्हाइट हाउस आने
से रोक दिया।
वॉटरगेट स्कैंडल: जून 1972 को वॉशिंगटन स्थित वॉटरगेट कॉम्पलेक्स
बिल्डिंग में डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के ऑफिस में कुछ चोरों को पकड़ा गया
था। यह कोई साधारण चोरी नहीं थी, क्योंकि चोरों का संबंध राष्ट्रपति
निक्सन के चुनाव अभियान से था। चोरों को विपक्षियों के फोन टेप करने और
संवेदनशील दस्तावेज चुराने का दोषी पाया गया था। निक्सन ने मामला दबाने की
काफी कोशिश की, लेकिन अगस्त 1974 में न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉशिंगटन पोस्ट
में मामला छपने के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।
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